प्रिय साथियों , आज हम सभी अपने परिवार और और उनकी जरूरतों के लिए क्या कुछ नहीं कर रहे है हम ये सोचते और चाहते है की दुनिया की सभी अच्छी-अच्छी चीज़े हमारे पास हो , ऐसा सोचन और चाहना कोई गलत नही है आखिरकर हमारे परिवार के प्रति कोई जेम्मेदारी भी तो है हमे एक बेटे , पिता , पति फ़र्ज़ पूरा करना है यहाँ तक तो बात समझ में आती है पर आज हमने इससे और भी कहे आगे सोचने की जरुरत है l जब हम कभी छुट्टी पर जाने की सोचते है तो कल्पना अक्सर एक सुन्दर स्थान की करते है और वो भी अपने गाँव , शहर या देश से कही दूर विदेश की क्यूँ ? इसका जवाब बहोत ही आसान है क्यूँकी हमारे आसपास में ऐसे स्थान है ही नहीं और अगर है भी तो ठीक नहीं है , चलिये ham अपने बात की सुरुवात करते है इन्ही तीन विषयो से गाँव / शहर / विदेश
गाँव :- आज आप ham जब भी किसे गाँव के व्यक्ति से मिलते है और उससे उसकी eccha के बारे में पूछते है तो वो शहर में बसने की बाते करता है क्यूँकी शहर में वो सारी सुविधाए है जो गाँव में नहीं है और शहर में बसने के चक्कर में वो अपना काफी सारा पैसा जमीन खरीदने और शहर लाइफ स्टाइल अपनाने में खर्च कर देता है, जिसका सबसे बड़ा असर ये हुवा की शहर की जमीनों की कीमत आसमान छूने लगी जीससे दलालों की मौज आ गयी और शहर के लोगो का हाल बुरा होने लगा खैर................. ये तो अभी सच्चाई का सिर्फ एक पहेलु है l

Abhi bhi hamare ganvon ke Bhai agar jhuthi shahar kee chamak kee sachchai nahi samjhe hai to kiya kya jaye yah sawal agar kisi ke man me aata ho to join us
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